Sunday, 1 October 2017

JEALOUSY-ईर्ष्या-celos-jalousie-ревность-غيرة


बहुत पुरानी बात है एक धर्मात्मा रहते थे वो सभी को ज्ञान की बात बताते थे और लोग उनका अनुशरण करते थे एक दिन एक व्यक्ति जो की अमीर था बोला महात्मा  मेरा पडोसी बहुत ही ईष्यालु है वो मेरे किसी कार्य को देख कर अपशब्द बोलता रहता है और मैं भी उससे उसी तरह से व्यहार करता हूँ परन्तु मुझे आप की शरण  में आने के बाद  ज्ञान हो गया की जो मैं कर हूँ उससे मेरे ऊपर इसका गलत प्रभाव पड़ रहा है इसका क्या कारण है महात्मा बोले कल आप लोगो को ईष्या से होने वाले गलत प्रभाव के बारे में बताऊंगा और अपने साथ आप लोग उतने ही आलू  लाना जितने लोगो से आप  नफ़रत या ईष्या करते है सभी लोग बड़े खुश हुए कि चलो कुछ महात्मा जी अच्छी शिक्षा देंगे और सभी लोग उसी समय पहुचे जिस समय रोज महात्मा जी प्रबचन देते थे और सभी लोग आलू  लाये थे जो जितने लोगो से ईष्या करते थे उतने आलू लेन के लिए कहा गया तो किसी ने एक ,और किसी ने दो ,और किसी ने पाच से दस आलू  तक लाये थे लोगो से फिर महात्मा बोले अपने आलू को अपने पास और हमेसा अपने साथ रखे रहे जब तक मैं उसको हटाने को न कह दू  सभी बड़े अचंभित हुए लेकिन महात्मा की बात सभी मान गए और सभी सोते जागते उस आलू को अपने पास रखे रहे कुछ दिन तक सभी ने आलू को साथ रखा पर सब को अब तकलीफ होने लगी क्यों की जिसके पास कम आलू थे उनको कम परेशानी होती थी लेकिन जिनके पास ज्यादा आलू थे उनके लिए तो जीना दुर्लभ  हो गया था क्यों की आलू कुछ सड़ने लगे थे और कुछ बदबू  भी कर रहे थे साथ में ले कर चलना दुखदाई हो गया था सभी ने एक जुट होके महात्मा से पूछा की इस आलू का दुख अब नहीं सहा जा रहा है इसे हटाने के लिए आदेश दे अन्यथा हम लोगो की जिंदगी जीना दुर्लभ हो जायेगी तब महात्मा ने कहा की जितने आलू आप के पास थे सभी को हटा दे और तब लोगो को आराम मिला फिर महात्मा ने कहा की जिस प्रकार से आप ने आलू को अपने साथ नहीं ले के चल सके उसी प्रकार से जितने लोगो से आप ईष्या द्वेष  रखते है तो आप उसे कैसे लेकर चल सकते है ये आप के शरीर को दिन पर दिन निष्क्रिय कर देगा बस आप उसकी जलन में जलते रहेंगे और अपना नुकसान होगा इसलिए ईष्या करना छोड़ के अपना कार्य ख़ुशी से करे और जो आप से ईष्या करता हो उसे प्यार से बात करे और उसे दूर रहने कोशिश करे !

No comments:

Post a Comment

डिमांड को पूरा करना जिंदगी का बेस है !  इस डिमाण्ड को पुरा करना हमारा उदेश्य है !! Demand is the foundation of life! Our aim...